ग्रीन हाइड्रोजन - भारत के लिए स्वच्छ ऊर्जा का नया अध्याय।
I. प्रस्तावना - जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा क्रांति आज, जब दुनिया जलवायु परिवर्तन और अस्थिर ऊर्जा कीमतों की दोहरी चुनौती का सामना कर रही है, तब जीवाश्म ईंधनों पर हमारी निर्भरता कम करना एक मजबूरी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक आवश्यकता बन गई है। भारत, जो विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। यह बदलाव एक नए अणु (molecule) के इर्द-गिर्द घूमता है - हाइड्रोजन । लेकिन साधारण हाइड्रोजन नहीं, बल्कि ग्रीन हाइड्रोजन । ग्रीन हाइड्रोजन वह स्वच्छ ऊर्जा वाहक है जो बिना किसी कार्बन उत्सर्जन के अत्यधिक ऊर्जा प्रदान करता है। यह लेख ग्रीन हाइड्रोजन की क्षमता, इसे 'ग्रीन' बनाने वाली प्रक्रिया, और भारत के महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को विस्तार से समझाएगा। यह सिर्फ ऊर्जा का एक स्रोत नहीं है, यह आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वच्छ ऊर्जा का नया अध्याय है। II. हाइड्रोजन के प्रकार और 'ग्रीन हाइड्रोजन' की विशिष्टता हाइड्रोजन को उसके उत्पादन के तरीके के आधार...